Behavior Hindi Status

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distance hindi status

लोग कहते हैं जब कोई अपना दूर चला जाता है तो बड़ी तकलीफ होती है,
पर ज्यादा तकलीफ तो तब होती है जब कोई अपना पास होकर भी दूरियाँ बना ले !

अपनी भूल अपने ही हाथों से सुधर जाए तो, यह उससे कहीं अच्छा है कि कोई दूसरा उसे सुधारे । ~ प्रेमचंद

विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखाने वाला कोई विद्यालय आज तक नहीं खुला । ~  मुंशी प्रेमचंद

जो दूसरों के लिये गड्ढा खोदते हैं, वो खुद भी एक दिन उसी गड्ढे में गिरता हैं।

हम भारतीयों की एक खास आदत … “कोई भी चीज़ साफ करनी हो तो, एक गन्दा कपड़ा देना …”

माँ की अवज्ञा करना सबसे बड़ा अपराध हैं।

यदि आप सही हैं तो आपको गुस्सा होने कि ‘जरूरत नहीं’… और यदि आप गलत हैं तो आपको गुस्सा होने का ‘कोई हक नहीं’….

जिंदगी दो दिन की है, एक दिन आप के हक़ में, एक दिन आप के खिलाफ, जिस दिन हक़ में हो गरूर मत करना, और जिस दिन खिलाफ हो थोड़ा सा सब्र ज़रुर करना…

एक बार सच कहने के बाद कभी भी सफाई नहीं दें। आपके दोस्तों को इसकी आवश्यकता नहीं है, और आपके दुश्मनों को विश्वास ही नहीं होगा।

~ माता पिता की अपील ~

  1. जिस दिन तुम हमें बूढा देखो तब सब्र करना, और हमें समझने की कोशिश करना ।
  2. जब हम कोई बात भूल जायें तो हम पर गुस्सा मत करना, और अपना बचपन याद करना ।
  3. जब हम बूढ़े होकर चल ना पायें तो हमारा सहारा बनना, और अपना पहला कदम याद करना ।
  4. जब हम बीमार हों जाये तो वो दिन याद करके हम पर अपने पैसे खर्च करना, जब हम तुम्हारी ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए अपने ख्वाहिशें कुर्बान करते थे।

धैर्य ज्ञान का सच्चा साथी है।

संसार में पानी से सरल कुछ भी नही है, किंतु उसका तेज बहाव बड़ी से बड़ी रुकावट के टुकड़े-टुकड़े कर देता है ।

एक बेहतर पिता नहीं बताता की कैसे जीना है, बल्कि वह उस तरह से जीता है और दिखाता है कैसे जीना है।

चिंता ना करना उम्मीद का ही नाम है।

जब से मैंने अपनी जरूरतें समेटी है, तब से खुशियाँ मेरे घर लौटी है। जब से मैंने अपना क्रोध कम किया है,

जुबान सुधर जाए तो जीवन सुधरने में वक़्त नहीं लगता।

दूसरों को क्षमा करें, इसलिए नहीं कि वे क्षमा के काबिल हैं, बल्कि आप शांति के हकदार है।

बेफ़कूफी ही कुछ लोगों का धर्म है।

मूर्खों से तारीफ़ सुनने से बुद्धिमान की डांट सुनना ज्यादा बेहतर है !

चद्दर के मुताबिक़ पैर पसारने वालों को, हाथ पसारने की नौबत नहीं आती !

वो आपका पहनावा नहीं जो आपको प्रतिभावान बनाता है !

प्रभु के सामने जो झुकता है, वह सबको अच्छा लगता है, लेकिन जो सबके सामने झुकता है, वह प्रभु को भी अच्छा लगता है।

जो आप से जलते हैं उनसे घृणा कभी न करे। क्योंकि दुनिया में यही तो वे लोग हैं, जो ये समझते है कि आप उनसे बेहतर है ।

अपनी ग़लतियों पर हम बहुत अच्छे वकील है और दूसरों की ग़लतियों पर बहुत अच्छे न्यायाधीश।

रिश्ते आजकल Popcorn की तरह हो गए हैं। ज़रा सी आंच तेज़ क्या हुई जल भुन कर ख़ाक हो गए।

पहले झूठ बोलना पाप था, अब झूठ बोलना मजबूरी और ज़रूरी है।

धरती के काबिल बनना है तो स्वर्ग के काबिल होने जैसा व्यवहार करो।

जो नेता अपनी जनता को युद्ध में भेजने से ज़रा भी नहीं झिझकता, .. नेता बनने के लायक नहीं है।

अपमान करेंगे तो जरूर कभी आपका भी होगा।

दूसरों को पीड़ा न देना ही मानव धर्म है।

आमतौर पर झूठ नहीं बल्कि कड़वे सच रिश्तों को ख़राब करते हैं।

जीवन में अगर संस्कार और मर्यादा ना हो, तो पतन निश्चित है !

प्रेम से बात करने में कुछ नहीं जाता। किसी व्यक्ति की वाणी में मधुर शब्द न हो तो, वह मनुष्य होते हुए मनुष्य कहलाने लायक नहीं हैं !

किताबी ज्ञान गलत नहीं है लेकिन व्यवहारिक ज्ञान अधिक महत्वपूर्ण होता है।

चरित्र नियति है।

दूसरों को समझना बुद्धिमानी है, खुद को समझना असली ज्ञान है, दूसरों को काबू करना बल है, और खुद को काबू करना वास्तविक शक्ति है।

किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नही होता है।

हमेशा दिमाग खुला और दिल को दयालु रखें।

ना किसी के अभाव में जियो, ना किसी के प्रभाव में जियो। यह जिंदगी है आपकी, अपने स्वभाव में जियो।

ग़लती’ चीज़ों को अलग तरीके से करने का ढंग मात्र है।

गलती तो हर इंसान से होती है, लेकिन उस पर कायम केवल मूर्ख ही रहते हैं।

इज़्ज़त हमेशा इज़्ज़दार लोग ही करते हैं जिनके पास खुद इज़्ज़त नही, वो किसी दूसरे को क्या इज़्ज़त देंगे।

दूसरों के साथ वैसी ही उदारता रखो, जैसी तुम ईश्वर से अपने लिए चाहते हो ।

कभी कभी किसी का ध्यान आकर्षित करने का सबसे बेहतर तरीका उस व्यक्ति पर ध्यान ना देना ही होता है !

क्रोध अति चतुर है, केवल कमजोर पर ही बाहर निकलता है !

कभी छोटों से कोई गलती हो जाये तो यह सोचकर उन्हें माफ़ कर देना कि ग़लतियाँ छोटे नहीं करेंगे तो और कौन करेगा।

क्षमा करने का जज्बा प्रेम की चरम सीमा है।

ऐसा आदेश न दें जो माना ही ना जाये वरना किरकिरी जरूर होगी।

कोई ताबीज ऐसा दो की मैं चालाक हो जाऊं, बहुत नुकसान देती है मुझे ये सादगी मेरी .!

हर किसी को खुश रखना शायद हमारे बस में न हो पर किसी को हमारी वजह से दुःख न पहुँचे यह तो हमारे बस में है !

एक बेहतरीन इंसान अपनी जुबान से ही पहचान जाता है, वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है।

मैं क्या जानूँ दर्द की कीमत ? मेरे अपने मुझे मुफ्त में देते हैं !

किसी की नज़रों से गिरा हुआ इंसान कभी नहीं उठ सकता ।

मौन की ताकत को कभी कम मत समझो।

माफ़ी मांगने से कभी यह साबित नहीं होता की हम गलत हैं और सामने वाला सही ! माफ़ी का असली मतलब है की हम में रिश्ते निभाने की काबलियत उस से ज्यादा है !

बहाने लगाने वाला एक तरह से खुद पर ही आरोप लगाता है !

ये भी अच्छा है कि सिर्फ सुनता है दिल, अगर बोलता तो क़यामत होती।

समय, सत्ता, संपत्ति और शरीर चाहे साथ दें या ना दें, लेकिन स्वभाव, समझदारी, सत्संग और सच्चे संबंध हमेशा साथ देते हैं ….

व्यवहार की छोटी छोटी बातें ही चरित्र का दर्पण होती हैं !

~ इतनी भी शिकायत मत कीजिये ~ हमें जो मिला हैं, हमारे भाग्य से ज्यादा मिला हैं। यदि हमारे पैर में नए जूते नहीं हैं,  तो अफ़सोस मत कीजिये।  दुनिया में कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके पास तो पैर ही नहीं हैं।

बच्चे ऐसे सवाल भी पूछ सकते हैं जो हम सोच भी नहीं सकते।

पूरे कार्यकाल के दौरान कुर्सी पर बैठने की बजाय, जनता के लिए अच्छे कार्य करते रहना नेतागीरी है।

हमारे साथ अधिकतर समस्या यही होती है की की हम झूठी तारीफ द्वारा बर्बाद हो जाना तो पसंद करते हैं, लेकिन सच्ची आलोचना द्वारा संभल जाना नहीं !

किसी भी रिश्ते को तोड़ने से पहले एक बार अपने आप से पूछ ज़रुर लीजियेगा कि आज तक उस रिश्ते को निभा क्यों रहे थे …?

जब छोटे थे तब कई बातें भूल जाया करते थे, तब सब कहते थे कि “याद रखना सीखो” अब बड़े हुए तो हर बात याद रहती है, तो दुनिया कहती कि “भूलना सीखो”